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जाने कुछ ऐसे प्रयोग जो आपकी जिंदगी बदल देंगे

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वशीकरण करने के लिये – अपामार्ग की जड़ को घिसकर उसका तिलक अपने मस्तक पर लगाने से सामने वाले व्यक्ति पर वशीकरण हो जाता हैं – ऐसा ‘ डामर तन्त्र ‘ में उल्लेख मिलता हैं। 

परस्पर प्रेम आदि बढ़ाने के लिये – यदि किसी स्त्री का पति उसके वश में नहीं रहता 

हो – अथवा – किसी पुरुष की पत्नी उसके वश में नहीं रहती हो तो यह प्रयोग करें – सबसे पहले 21 दिनों में इस मंत्र का कुल 41000 बार जाप करके उसे सिद्ध कर लें – ॐ मदन कामदेवय फट स्वाहा। 

– अब अपामार्ग की जड़ उखड़ लायें और उसकी कील जैसी बना लें। अब उस कील को अपने हाथ में लेकर उपरोक्त मन्त्र को सात बार पढ़ें और फिर उसको अपने पति या पत्नी के सामन में रख दें। इसके प्रभाव से अपनी मतभेद पूणतः दूर होकर आपस में खूब प्रेम हो जायेगा। 

वाणी – सिद्धि प्राप्त करने के लिये – लाल अपामार्ग की डंडी की दातुन नियमित रूप से 

6 – 8  महीने तक लगातार करनी चाहिये। इससे साधक की वाणी में अदभुत चमत्कार उत्पन्न हो जाता हैं और उसे वाचा – सिद्धि प्राप्त हो जाती हैं। इसका तात्पर्य यह हैं कि – ऐसा व्यक्ति यदि कोई भी शुभ बात कहेगा तो वह पूरी हो जायेगी। 

सन्तान – प्राप्ति के लिये –  लाल अपामार्ग की जड़ को जलाकर भस्म बना लें। इसमें से दो ग्राम भस्म को प्रतिदिन गाय के दूध में मिलकर पियें – यह प्रयोग स्त्री पुरुष दोनों ही करें। ऐसा करने से शरीर के आंतरिक अंग स्वस्थ हो जाते हैं और फिर उचित समय पर संभोग करने से दम्पत्ति को सन्तान प्राप्त होती हैं। 

क्षुधा – स्तम्भन करने के लिये – अपामार्ग के बीजों को साफ करके उनके चावल निकालें। उन चावलों को दूध में पकाकर खीर बनायें। इस खीर का सेवन करने से ‘ क्षुधा – स्तम्भन ‘ होता हैं। कहने का तात्पर्य यह हैं कि – जो व्यक्ति इस खीर को खायेगा , उसे बहुत समय तक भूख का अनुभव नहीं होगा।  लेकिन यह प्रयोग केवल उन्हीं व्यक्तियों ( जैसे – यायवार , सन्यासी आदि ) को करना चाहिये जिनको किन्हीं कारणों से बहुत समय तक भूख पर नियन्त्रण करना हो , अन्य व्यक्तियों को व्यर्थ में ही यह प्रयोग नहीं करना चाहिये। 

  

 शत्रु के उच्चाटन के लिये – सफेद अपामार्ग और बहेड़ा की जड़ – इन दोनों को ही 

रविपुष्य – योग में प्राप्त करें। फिर इनको किसी पोटली में बांधकर शत्रु के घर में रखवा दें – इससे उसके परिवार में मानसिक – अशान्ति ( उच्चाटन ) उतपन्न हो जाती हैं।