सावन में शिवलिंग पूजन का विशेष फल – विधि और नियम


श्रावण के महीने में शिवलिंग की करें पूजा करनी चाहिए।  यदि घर पर शिवलिंग न हो तो मंदिर जाकर आप पूजन कर सकते है।  घर पर पार्थिव शिवलिंग या पारद शिवलिंग का पूजन करना सर्वश्रेष्ठ बताया गया है तथा पार्थिव शिवलिंग का पूजन के बाद विसर्जन करने का विधान बताया गया है वही पारद शिवलिंग को घर में स्थापित करने से दिन दूनी रात चौगुनी सुख समृद्धि और यश कीर्ति में वृद्धि होती है। शिवलिंग के पूजन के समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :-
– शिवलिंग जहां स्थापित हो वहां पूर्व दिशा की ओर मुख करके नहीं बैठें ।
– शिवलिंग के दक्षिण दिशा में ही बैठकर पूजन करें ।
शिवलिंग को अभिषेक कराने का फल-
1.दूध से अभिषेक करने पर परिवार में कलह, मानसिक पीड़ा में शांति मिलती है।
2.घी से अभिषेक करने पर वंशवृद्धि होती है।
3.इत्र से अभिषेक करने पर भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
4.जलधारा से अभिषेक करने पर मानसिक शान्ति मिलती है।
5.शहद से अभिषेक करने पर परिवार में बीमारियों का अधिक प्रकोप नहीं रहता।
6.गन्ने के रस की धारा डालते हुये अभिषेक करने से आर्थिक समृद्धि व परिवार में सुखद माहौल बना रहता है।
7.गंगा जल से अभिषेक करने पर चारों पुरूषार्थ की प्राप्ति होती है।
– अभिषेक करते समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से फल की प्राप्ति कई गुना अधिक हो जाती है।
8.सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रुओं का शमन होता है ।
9.ये भी मिलते हैं फल
– बिल्वपत्र चढ़ाने से जन्मान्तर के पापों व रोग से मुक्ति मिलती है।
– कमल पुष्प चढ़ाने से शान्ति व धन की प्राप्ति होती है।
– कुशा चढ़ाने से मुक्ति की प्राप्ति होती है।
– दूर्वा चढ़ाने से आयु में वृद्धि होती है।
– धतूरा अर्पित करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति व पुत्र का सुख मिलता है।
– कनेर का पुष्प चढ़ाने से परिवार में कलह व रोग से निवृत्ति मिलती हैं।
शमी पत्र चढ़ाने से पापों का नाश होता है शत्रुओं का शमन व भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है।

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