सोयी हुयी किस्मत को जगाती है शंख की पवित्र ध्वनि – अवश्य पढ़ें

शंख का महत्त्व सभी जानते हैं इसकी ध्वनि हमेशा पूजा और धार्मिक कार्यों में अवश्य की जाती है। माना जाता है की शंख की ध्वनि से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और व्यक्ति की सोयी हुयी किस्मत जाग जाती है। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में शंख होता है, वहां लक्ष्मी का वास होता है. धार्मिक ग्रंथों में शंख को लक्ष्मी का भाई बताया गया है, क्योंकि लक्ष्मी की तरह शंख भी सागर से ही उत्पन्न हुआ है. शंख की गिनती समुद्र मंथन से निकले चौदह रत्नों में होती है माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु, दोनों ही अपने हाथों में इसे धारण करते हैं। इसके अतरिक्त शंख बजाने से फेफड़ों का व्यायाम भी होता है और साँस से सम्बंधित बीमारियों में लाभ होता है।
माना जाता है की जिसके पास दक्षिणावर्ती शंख का जोड़ा होता है उसके पास धन संपत्ति की कभी कोई कमी नही होती। इसलिए दक्षिणावर्ती शंख को चावल या गंगाजल भरकर पूजाघर में चांदी की तश्तरी में स्थापित करना चाहिए। और पूजा के समय नियमित रूप से शंख बजाना चाहिए।  ध्यान रहे दक्षिणावर्ती शंख बजाने में प्रयोग नही होते इनकी सिर्फ स्थापना करके पूजा की जाती है। बजाने के लिए सामान्य शंख का ही प्रयोग करें। 

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