अपने अंदर छुपी दिव्य शक्तियों को जाग्रत करने का मन्त्र – कुण्डलनी जागरण भी इसी मन्त्र से संभव है

54f59482c9401d0f63d008aab23b3900_1427431070
प्रत्येक व्यक्ति में अनेकानेक शक्तियां होती हैं जिनका उपयोग करके वह उन्नति के नित नए आयामों को छू सकता है। किन्तु बहुत कम लोग ही अपनी इन शक्तियों को पहचान पाते हैं क्योंकि यह दिव्य शक्तियां मनुष्य में सुप्त अवस्था में रहती हैं अतः इन्हें जाग्रत करना पड़ता है। यदि आप भी अपनी आंतरिक शक्तियों को जगा कर उन्नति करना चाहते हैं तो निम्नलिखित मन्त्र का रोज कम से कम एक माला यानि १०८ बार जप करें।  मन्त्र इस प्रकार है :-

“|| ॐ ह्रीं मम प्राण देह रोम प्रतिरोम चैतन्य जाग्रय ह्रीं ॐ नम: ||  “
इस मन्त्र के निरंतर जप से आंतरिक शक्तियां जाग्रत होने लगती हैं और कुण्डलनी जागरण भी संभव है।

Similar Post

Read Next

  1. It is said that putting this mantra in service, RAVAL-LANKESH had made his empire of GOLD,he had made his country Lanka -"sone ki lanka ".
    This mantra was given by Lord shiva to Ravan .This mantra is very effective &it gives immediate result also. Jay Dwarkadhish.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *