।। श्री कनकधारा स्तोत्रम् ।।

।। श्री कनकधारा स्तोत्रम् ।। अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम।अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।। मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि

अपने सवालों के जवाब जानने के ज्योतिष गड़नाओ पर आधारित कुछ रोचक उपाय चोरी हुआ सामान वापस मिलेगा या नहीं

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